Monday, January 29, 2024

Pariksha Pe Charcha 2024

 



Prime Minister मोदी ने बच्चों को दिए परीक्षा में सफलता के टिप्स, लेकिन मां-बाप की ले ली क्लास! जानिए 10 बड़ी बातें:


आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों के साथ 'परीक्षा पे चर्चा' की। पीएम ने अलग-अलग राज्यों से आए करीब 3 हजार बच्चों और शिक्षकों से बातचीत की और उन्हें सफलता के गुरुमंत्र सिखाए। 

 


नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' के 7वें संस्करण में देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से बातचीत की। करीब पौने दो घंटे तक पीएम 'सर' की मेगा क्लास में बच्चों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन से लेकर बेहतर नागरिक बनने के गुर मिले। पीएम ने बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों से भी बात की। प्रधानमंत्री ने बेहद सरल और मजेदार अंदाज में बच्चों के हर एक सवाल का जबाव दिया। कैसे बोर्ड परीक्षा की तैयारी की जाए, टाइम मैनेजनेंट कैसे हो, मोबाइल के दुष्प्रभाव से कैसे बचा जाए? इन सभी सवालों का जवाब पीएम मे दिया। उन्होंने ये भी बताया कि वो कैसे इतने पॉजिटिव रहते हैं और प्रधानमंत्री के रूप में आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे करते हैं। परीक्षा पे चर्चा की ये 10 बातें हर एक छात्र, अभिभावक और शिक्षक को जरूर जाननी चाहिए।

1. कैसे झेलें परीक्षा का प्रेशर? जानिए PM मोदी का गुरुमंत्र

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों ने सवाल किया कि वो परीक्षा और सिलेबस के प्रेशर को कैसे हैंडल करें। इसके जवाब में पीएम ने कहा, 'हमें किसी भी प्रेशर को झेलने के लिए खुद को सामर्थ्यवान बनाना चाहिए। दबाव को हमें अपने मन की स्थिति से जीतना जरूरी है। किसी भी प्रकार की बात हो, हमें परिवार में भी चर्चा करनी चाहिए।'

2. 'दूसरों से कंपटीशन नहीं प्रेरणा लीजिए'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आपके दोस्त से आपको किस चीज की स्पर्धा है? मान लीजिए 100 नंबर का पेपर है। आपका दोस्त अगर 90 नंबर ले आया तो क्या आपके लिए 10 नंबर बचे? आपके लिए भी 100 नंबर हैं। आपको उससे स्पर्धा नहीं करनी है आपको खुद से स्पर्धा करनी है... उससे द्वेष करने की जरूरत नहीं है। असल में वो आपके लिए प्रेरणा बन सकता है। अगर यही मानसिकता रही तो आप अपने से तेज तरार व्यक्ति को दोस्त ही नहीं बनाएंगे।

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3. बच्चों का तनाव दूर करने के लिए शिक्षकों को क्या करना चाहिए?

प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों को टिप्स देते हुए कहा कि बच्चों के तनाव को कम करने में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। इसलिए शिक्षक और छात्रों के बीच हमेशा सकारात्मक रिश्ता रहना चाहिए। शिक्षक का काम सिर्फ जॉब करना नहीं, बल्कि जिंदगी को संवारना है, जिंदगी को सामर्थ्य देना है, यही परिवर्तन लाता है। परीक्षा के तनाव को विद्यार्थियों के साथ-साथ पूरे परिवार और टीचर को मिलकर एड्रेस करना चाहिए। अगर जीवन में चुनौती और स्पर्धा ना हो, तो जीवन प्रेरणाहीन और चेतनाहीन बन जाएगा। इसलिए कॉम्पटिशन तो होना ही चाहिए, लेकिन हेल्दी कॉम्पटिशन होना चाहिए।

4. 'पढ़ने के साथ-साथ लिखने की प्रैक्टिस जरूर करें

प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों को टिप्स देते हुए कहा कि आजकल लोगों की लिखने की आदत कम हो गई है। हम आईपैड वगैरह पर ज्यादा वक्त बिताते हैं। लेकिन जितना लिखेंगे उतनी ही अच्छी तैयारी होगी और कॉन्फीडेंस भी बढ़ेगा। इसलिए आप दिन में जितनी देर पढ़ते हैं उसका कम से कम आधा वक्त नोट्स बनाने में लगाएं। इससे आपको आइडिया लग जाएगा कि परीक्षा में कितनी देर में क्या आंसर लिखना है। अगर आपको तैरना जाएगा तो पानी में उतरने में डर नहीं लगेगा, ठीक वैसे ही जब आप लिखने की प्रैक्टिस करेंगे तो आपको टाइम मैनेजमेंट जाएगा और जाहिर तौर पर परीक्षा परिणाम में इसका असर दिखेगा।

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5. पढ़ाई के साथ अच्छी सेहत जरूरी

प्रधानमंत्री से एक छात्र ने सवाल किया कि पढ़ाई के साथ-साथ हमारे लिए व्यायाम और खेल कितना जरूरी है। इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह मोबाइल को इस्तेमाल करने के लिए उसे चार्जिंग और रिचार्ज की जरूरत है, ठीक वैसे ही हमारे शरीर को रिचार्ज करना जरूरी है। स्वस्थ रहना सबसे जरूरी है। अगर हम स्वस्थ नहीं रहेंगे तो परीक्षा में बैठने की सामर्थ्य नहीं होगी। कभी कभी सूर्य के प्रकाश में बैठिए। इसके अलावा नींद को महत्व दें, परीक्षा से पहले अच्छी नींद जरूरी है। इसलिए जब भी मम्मी बोलें सो जाओ तो सोना चाहिए। रील्स पर समय बिगाड़ने से नींद को कम आंक रहे हैं।

6. माता-पिता और बच्चों के बीच भरोसा होना जरूरी

एक छात्रा ने पीएम मोदी से सवाल किया कि हम अपने मां-बाप को कैसे यकीन दिलाएं कि हम मेहनत कर रहे हैं? इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ये सोचने का विषय है कि पारवारिक माहौल में माता-पिता या टीचर भरोसा नहीं कर पा रहे। कहीं कहीं हमें अपने आचरण का एनालिसिस करने की जरूरत है। एक विद्यार्थी के नाते हमें ये सोचना चाहिए कि क्या आप जो कहते हैं उसका सच में पालन करते हैं या नहीं। माता-पिता के मना करने भी अगर हम फोन चला रहे हैं, तो भरोसा तो कम होगा ही। ठीक ऐसे ही मां-बाप को भी बच्चों पर भरोसा करना चाहिए। अगर बच्चों के नंबर नहीं आए हैं, तो इस तरह की बातें, कि तुम पढ़ते नहीं हो, दोस्तों के साथ समय बिताते रहते हो, ऐसी बातें बच्चों और मां-बाप के बीच दूरी बढ़ा देती हैं।


7. मुझे नहीं लगता कोई उलझन है... करियर च्वाइस के सवाल पर क्या बोले PM

जब एक छात्रा ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि वो करियर से जुड़ी उलझनों से कैसे बाहर निकलें, कैसे विषयों का चुनाव करें? इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि आप स्वयं उलझन में हैं। हकीकत ये है कि आपको खुद पर भरोसा नहीं है। आपका अपने सोचने के समन्वय में दुविधा है इसलिए आप 50 लोगों को पूछते रहते हैं... जो सलाह आपको सबसे सरल लगती है उसी से आप समन्वय बैठा लेते हैं... सबसे बुरी जो स्थिति है वो कन्फ्यूजन है... निर्णय करने से पहले हमें सारी चीजों को जितने तराजू पर तोल सकते हैं, तोलना चाहिए।"


8. मोबाइल का पासवर्ड घर में सबको पता हो तो...

प्रधानमंत्री मोदी से कुछ अभिभावकों और छात्रों ने सोशल मीडिया और मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभाव बचने के उपाय पूछे। इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि किसी भी चीज की अति ठीक नहीं होती। हम पेट भरने के बाद अपना मनपसंद खाना नहीं खा सकते है ठीक वैसे ही कितनी भी प्रिय चीज क्यों रही हो, लेकिन मोबाइल की समय सीमा तय करनी पड़ेगी। आजकल तो पूरा परिवार मोबाइल में लगा रहता है, घर में बराबर में बैठकर एक दूसरे को मैसेज करते हैं। मोबाइल के दुष्प्रभाव को रोकने के लिए पूरे परिवार को नियम बनाने होंगे। हम खाने के वक्त कोई गैजेट्स का इस्तेमाल करें, ऐसा नियम बना सकते हैं। टेक्नोलॉजी से बचने की जरूरत नहीं है, लेकिन उसका सही उपयोग सीखना बेहद जरूरी है। हमारे मोबाइल पर लगा पासवर्ड परिवार के सभी सदस्यों को पता होगा, तो काफी सुधार हो जाएगा। इसके अलावा हमें स्क्रीन टाइम अलर्ट को मॉनीटर करना चाहिए।

9. जब पीएम मोदी ने बच्चों को बताए रील्स देखने के नुकसान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा के दौरान ज्यादा रील्स देखने के नुकसान भी बताए। उन्होंने कहा कि अगर आप एक के बाद एक रील्स देखते रहेंगे तो काफी समय बर्बाद हो जाएगा, आपकी नींद खराब होगी। जो कुछ आपने पढ़ा है वो याद नहीं रहेगा। अगर आप नींद को कम आंक रहे हैं, तो ये ठीक नहीं है। आधुनिक हेल्थ साइंस भी नींद के महत्व पर जोर देती है। आप नींद आवश्यक लेते हैं या नहीं, यह आपके स्वास्थ्य पर ध्यान देता है। जिस उमर में हैं, उसमें जिन चीजों की जरूरत है वो आहार में है या नहीं यह जानना जरूरी है, हमारे आहार में सुतंलन स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, फिटनेस के लिए एक्सरसाइज करना चाहिए, जैसे रोज टूथब्रश करते हैं वसे ही नो कॉम्प्रोमाइज एक्सरसाइज करनी चाहिए।

10. PM के रूप में आप कैसे झेलते हैं प्रेशर? जानिए मोदी ने क्या दिया जवाब

चेन्नई के एक छात्र ने पीएम मोदी से सवाल किया कि वो प्रधानमंत्री के रूप में बड़े-बड़े प्रेशर कैसे हैंडल कर पाते हैं? इसके जवाब देते हुए पीएम मोदी ने हंसते हुए छात्र से पूछा कि क्या आप भी PM बनना चाहते हैं। पीएम ने कहा कि मैं चुनौतियों को ही चुनौतियां देता हूं। मैं मानता हूं कि कुछ भी क्यों हो, मेरे साथ 140 करोड़ देशवासियों का साथ है। मैं अपनी शक्ति देश के सामर्थ्य बढ़ाने में लगा रहा हूं। इसके लिए मैं देश की शक्ति और सामर्थ्य पर भरोसा करता हूं। मैं ये नहीं सोचता कि मैं ये सब कैसे कर पाऊंगा। मैं जिनके लिए काम कर रहा हूं उनपर मेरा अपार भरोसा है। अगर मुझसे कोई गलती भी हो जाती है, तो मैं इसे एक सबक मानता हूं और निराश नहीं होता। कोराना के दौर में मैंने रोजाना देशवासियों से बात की, उन्हें मोटिवेट किया, इससे उनकी सामर्थ्य बढ़ती थी। PM ने कहा, 'जब कोई निजी स्वार्थ नहीं होता, तो निर्णय लेने में कोई दुविधा नहीं होती। ये मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मैं जो करूंगा देश के लिए करूंगा, आपके लिए करूंगा, मेरा क्या होगा इसकी मुझे कोई परवाह नहीं है।'



आभार


Sunday, January 28, 2024

Never Ever Give Up

AUS vs WI second Test 



Shamar Joseph bowls West Indies to stunning win over Australia in day/night Test match.

West Indies bowled Australia all out for 207, giving the Caribbean side their first win in Australia since 1997.

Injured pace bowler Shamar Joseph produced a stunning spell of fast bowling to lead his side to one of the greatest upsets in Test history to stun Australia by eight runs win in Brisbane on January 28.

The West Indies, who brought an under-strength side to Australia for the Test series, gave debuts to four players, including Joseph, in the two Tests.

They were beaten inside three days in Adelaide last week and were expected to suffer a similar fate in the day-night Test in Brisbane.

But after bowling Australia out for 207 in the second session Sunday, the West Indies recorded their first win in Australia since they last tasted victory in Perth in 1997.

Joseph was outstanding Sunday, bowling 11.5 overs of hostile pace to finish with 7-68 in just his second Test.

Australia had resumed the day at 60-2 with Steve Smith, who carried his bat for a superb 91 not out, and Cameron Green looking comfortable against Kemar Roach and Alzarri Joseph.

Shamar Joseph, who had to retire hurt after being hit on the toe in the second innings on Saturday night, did not bowl Saturday and only came into the attack 45 minutes into the first session.

He dismissed Green when the Australian No.4 chopped on, then bowled Travis Head with a beautiful yorker, Head’s second first-ball duck of the match.

Australia, cruising at 113-2, were suddenly 113-4, although Smith looked unperturbed as he reached his half-century.

However, Joseph struck again when Mitchell Marsh edged to Alick Athanaze at third slip and, although the ball popped out of Athanaze’s hands, it went straight to Justin Greaves to leave Australia 132-5, 84 runs from victory.

Alex Carey was next to go, clean bowled by a 145 km/h thunderbolt that crashed into off stump, with Australia 136-6.

Mitchell Starc decided the best path to victory was attack and smashed 21 runs from just 14 balls before trying one big hit too many and holing out to Kevin Sinclair in the covers.

Cummins was next to go, getting an edge to a diving Joshua Da Silva behind the stumps.

After the break, Alzarri Joseph claimed Nathan Lyon caught behind before Shamar Joseph wrapped up the innings with great attitude "Never Ever Give Up".

Regards 




Tuesday, November 28, 2023

Guilt!!!!

 



📝गिल्ट क्या है और इससे निकलना क्यों जरूरी है?


वर्तमान समय में यह समस्या भी युवाओं में बढ़ती जा रही है जिसके कारण वह "अपराध बोध" और "आत्मग्लानि" में इतने डूब जाते हैं , कि कई बार इससे बाहर  निकल पाना उनके लिए सक्षम नहीं हो पाता है और नकारात्मक स्थिति में तो आत्महत्या तक कि भी नौबत आ सकती हैं। अतः इस लेख में हम कुछ बिंदुओं पर बात करेंगे। जैसे:-

🍀
गिल्ट क्या है और यह क्यों होती है?

🍀
इससे निकलना क्यों जरूरी है ?

🍀
और गिल्ट से बाहर आने के उपाय क्या है?


साथियों, गिल्ट या अपराध बोध कोई नया शब्द नहीं है। हम सभी इससे परिचित हैं।जब भी किसी के जीवन में कोई गलती हो जाती है या कोई बड़ा पाप हो जाता है तो उसके मन में एक अपराध बोध या खुद को कसूरवार ठहराने का भाव पैदा होता है।
एक सीमा तक तो यह उचित भी है, क्योंकि हमें अपनी गलतियों का बोध कराकर सही कार्य करने की और जीवन में सुधार करने की प्रेरणा देता है।

लेकिन इस अपराध बोध कि अति बड़ी नुकसान दायक है। क्योंकि फिर वह व्यक्ति को भीतर से तोड़ देती है। उसके आगे बढ़ने का या जीवन को खुलकर जीने का उत्साह ही मिटा देती है।  दूसरे अर्थों में इसे हम एक "नेगेटिव इमोशंस अर्थात एक बहुत ही प्रबल नकारात्मक भावना " कह सकते हैं जो व्यक्ति के जीवन पर और उसके कर्मों पर उसके आने वाले भविष्य पर बहुत बड़ा प्रभाव डालती है। वह उसकी दिशा और दशा दोनों को बदल सकती है। because

Guilt is a silent Killer....

अतः इससे बचना बहुत ज़रूरी है। निम्न बिंदुओं का ध्यान रखे, अमल में लाएं:-

🏅यदि कोई गलती हुई भी है जीवन में तो
सबसे पहले उसे एक्सेप्ट करे। स्वयं को
समझाए हम इंसान है, हम से गलती हो सकती है। यह भी समझदारी और परिपक्वता की निशानी है,

🏅ध्यान रहे जो अब बीत चुका है, उसे अपने वर्तमान पर हावी न होने दे। अन्यथा भविष्य भी तनावग्रस्त हो सकता है,


🏅हम पिछली गलती से क्या सीख सकते हैं। और क्या सुधार कर सकते हैं,
इसी पर हमारा नियंत्रण है जो हो चुका है। उसे बदलना हमारे बस की बात नहीं है। अतः उसकी चिंता त्याग दे☑️


🏅स्वयं से प्यार से बात करे। जब किसी अन्य के जीवन में कोई ऐसी मुश्किल होती है, तब हम उसे ख़ुद को एक्सेप्ट करने की ही सलाह देते है। ठीक इसी तरह स्वयम भी उसका अमल करें।
और खुद को क्षमा करें,

🏅दोस्तों कई बार गलती इतनी अधिक दुखदायी नही होती ,जितना कि हम उसे सोच-सोच कर अपना दुख इकट्ठा कर लेते हैं अतः यदि एक बार कोई mistake  हो गई है तो उसके लिए खुद को क्षमा करें और तुरंत आगे बढ़ जाए ताकि उसका प्रभाव आगे लंबे समय तक साथ ना बना रहे।अन्यथा गलती होने की संभावना और बढ़ जाती है,

🏅
एक नई शरुआत करे। जी हाँ साथियों जो भी पास्ट में गलतियां हुई है उनसे सीखकर आगे बढे, उनका पूरा विश्लेषण करें। और अपनी कमियों को सुधारने की ज़िम्मेदारी लेकर Restart करे. आप एक जगह रुककर नही बैठ सकते।

गतिशील बने रहना ही जीवन की परिभाषा है...


🏅हमेशा इस बात को स्वीकार करे। कि
कोई भी परफेक्ट नही होता है, जीवन के किसी मोड़ पर सबकी कुछ न कुछ कमियां रही होती है। अतः उनसे सबक सीखे। औऱ आगे बढ़ते जाए। यही तरीका इंसान को ऊंचा उठता है...

🏅आवश्यकता से अधिक किसी बात पर न सोचे।
कई बार overthinking के कारण ही लोग दुःख में डूबे रहते है। अतः ज़्यादा टेंशन न ले। जीवन मे सहज रहे।

🏅ईश्वर से प्रार्थना ज़रूर करे। और अपनी सारी
अज्ञानताओं और गलतियों के लिये प्रभु से क्षमा मांगे। इससे मन शांत हो जाता है,

🏅Be strong:- साथियों अपने आप को हमेशा मजबूत ही दिखाओ। कहीं भी कभी भी अपनी कमजोरियों और दुःख का रोना मत रोने लग जाओ। क्योंकि इससे अधिकतर लोगों को कोई खास फर्क नही पड़ेगा। लेकिन इतना ज़रूर है कि वक़्त आने पर वे आपकी इन्ही कमज़ोरियों का आपके खिलाफ प्रयोग कर सकते है।

        धन्यवाद💐


➡️अतः आज का
हमारा टास्क

यही है कि हमें अपने जीवन से गिल्ट के अनावश्यक संस्कारों को पूरी तरह मिटाना है। ताकि वह हमारे जीवन में वर्तमान और आने वाले भविष्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित न कर सके...


Never  Forget:-

हे प्यारे युवानो तुम
आत्मबोध करो जग में
अपराध बोध की अति 
कभी
अनुकूल नही
जिसने सीख लिया है
अपनी गलतियों से
सब सहज होता वहां,

कुछ भी प्रतिकूल नही...👌

SO keep स्माइलिंग...😊

आपके मुस्कुराने से चाहे किसी को फर्क पड़े या न पड़े।
लेकिन आपको तो पड़ता है। क्या यह छोटी बात है...☑️

Wednesday, November 1, 2023

Anticipating Polluted Weather: What Lies Ahead around




As we, the people of Bharat, look ahead to the upcoming days, the forecast is not just about temperature and precipitation. In many regions around the world, especially in urban areas, one crucial factor that's becoming increasingly significant is the state of the air we breathe. Polluted weather has become a pervasive concern that influences our daily lives and health. Let's delve into the issue and understand what we can expect in the time to come.


The Invisible Threat : FOG


Air pollution, often referred to as the silent killer, is caused by the release of harmful pollutants into the atmosphere. These pollutants, including fine particulate matter (PM2.5), nitrogen dioxide (NO2), sulfur dioxide (SO2), and ozone (O3), can originate from a variety of sources, including vehicle emissions, industrial processes, and even natural events like wildfires alongwith flam to agriculture wastes by farmers, it's causing dangerous fog in Urban areas specially Delhi NCR region.


When these pollutants accumulate in the atmosphere, they can lead to a range of health issues, including respiratory problems, heart diseases, and even premature death. Moreover, polluted air can significantly impact the environment, contributing to climate change and harming eco-systems.


Forecasting Polluted Weather


Just as meteorologists predict rain and sunshine, air quality experts provide forecasts for air pollution levels. These forecasts take into account various factors such as emission sources, weather patterns, and topography. When these factors combine, they can either disperse pollutants or trap them, resulting in varying levels of pollution.


Air quality forecasts often use color-coded systems to indicate pollution levels. Green typically represents good air quality, while red or purple signifies unhealthy conditions. It's essential to pay attention to these forecasts, especially if you belong to a vulnerable group, such as children, the elderly, or individuals with pre-existing health conditions.


Mitigations and Awareness


Awareness and Advocacy are also crucial. Encouraging policymakers to implement stricter environmental regulations and supporting initiatives that promote clean energy can lead to long-term improvements in air quality.


Conclusion


Polluted weather is an issue that affects us all. As we prepare for the days ahead, it's crucial to stay informed about air quality forecasts and take measures to protect our health and the environment. By working together to reduce emissions and raise awareness, we can look forward to a future where clean and healthy air is a reality for everyone in Bharat.

Goodness of winter.