Sunday, February 11, 2024

Prepration for Chartered Accountants

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Navigating the Path to Chartered Accountancy: A Guide to ICAI Examinations

 

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The Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) stands as the premier institution for shaping the careers of aspiring chartered accountants in the country. With a rigorous examination process and comprehensive educational framework, ICAI ensures that its members uphold the highest standards of professionalism and competency. Here's a guide to the key dates and processes involved in preparing for and gaining admission to ICAI examinations:

  1. ICAI Entrance Examinations:
    • Foundation Course: The Foundation Course serves as the entry point for students aspiring to pursue chartered accountancy. The examination for the Foundation Course is typically held twice a year, with the dates announced by ICAI well in advance. Prospective candidates must register for the Foundation Course and submit their applications within the stipulated deadlines.
  2. Registration and Study Period:
    • After clearing the Foundation Course, candidates are required to register for the Intermediate Course, followed by the Final Course, administered by ICAI.
    • The registration process for each level has specific timelines and eligibility criteria, which candidates must adhere to diligently.
    • During the study period, candidates are expected to complete the prescribed curriculum, attend coaching classes (if desired), and engage in self-study to prepare comprehensively for the examinations.
  3. Examination Schedule:
    • ICAI conducts examinations for the Intermediate and Final Courses twice a year, typically in May/June and November/December.
    • The examination schedule, including the dates, timing, and subjects for each paper, is announced by ICAI well in advance, allowing candidates to plan their preparation accordingly.
  4. Admit Card Issuance:
    • Prior to the commencement of examinations, ICAI issues admit cards to registered candidates, detailing the examination schedule and venue.
    • Candidates must download their admit cards from the official ICAI website within the specified timeline and ensure all details are accurate.
  5. Examination Process:
    • ICAI examinations are conducted in a rigorous and standardized manner, adhering to strict guidelines to ensure fairness and integrity.
    • Candidates must familiarize themselves with the examination pattern, marking scheme, and guidelines provided by ICAI to optimize their performance.
  6. Result Declaration:
    • Following the completion of examinations, ICAI undertakes the evaluation process to assess the performance of candidates.
    • The results for each examination level are typically declared within a few weeks after the conclusion of exams, and candidates can access their results online through the official ICAI website.

Navigating the path to chartered accountancy through ICAI examinations requires dedication, perseverance, and meticulous preparation. By adhering to the prescribed timelines, engaging in comprehensive study, and staying updated with relevant announcements from ICAI, aspiring chartered accountants can embark on a rewarding journey towards professional excellence and success.

Regards



Monday, January 29, 2024

Pariksha Pe Charcha 2024

 



Prime Minister मोदी ने बच्चों को दिए परीक्षा में सफलता के टिप्स, लेकिन मां-बाप की ले ली क्लास! जानिए 10 बड़ी बातें:


आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों के साथ 'परीक्षा पे चर्चा' की। पीएम ने अलग-अलग राज्यों से आए करीब 3 हजार बच्चों और शिक्षकों से बातचीत की और उन्हें सफलता के गुरुमंत्र सिखाए। 

 


नई दिल्लीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' के 7वें संस्करण में देशभर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से बातचीत की। करीब पौने दो घंटे तक पीएम 'सर' की मेगा क्लास में बच्चों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन से लेकर बेहतर नागरिक बनने के गुर मिले। पीएम ने बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों से भी बात की। प्रधानमंत्री ने बेहद सरल और मजेदार अंदाज में बच्चों के हर एक सवाल का जबाव दिया। कैसे बोर्ड परीक्षा की तैयारी की जाए, टाइम मैनेजनेंट कैसे हो, मोबाइल के दुष्प्रभाव से कैसे बचा जाए? इन सभी सवालों का जवाब पीएम मे दिया। उन्होंने ये भी बताया कि वो कैसे इतने पॉजिटिव रहते हैं और प्रधानमंत्री के रूप में आने वाली चुनौतियों का सामना कैसे करते हैं। परीक्षा पे चर्चा की ये 10 बातें हर एक छात्र, अभिभावक और शिक्षक को जरूर जाननी चाहिए।

1. कैसे झेलें परीक्षा का प्रेशर? जानिए PM मोदी का गुरुमंत्र

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों ने सवाल किया कि वो परीक्षा और सिलेबस के प्रेशर को कैसे हैंडल करें। इसके जवाब में पीएम ने कहा, 'हमें किसी भी प्रेशर को झेलने के लिए खुद को सामर्थ्यवान बनाना चाहिए। दबाव को हमें अपने मन की स्थिति से जीतना जरूरी है। किसी भी प्रकार की बात हो, हमें परिवार में भी चर्चा करनी चाहिए।'

2. 'दूसरों से कंपटीशन नहीं प्रेरणा लीजिए'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आपके दोस्त से आपको किस चीज की स्पर्धा है? मान लीजिए 100 नंबर का पेपर है। आपका दोस्त अगर 90 नंबर ले आया तो क्या आपके लिए 10 नंबर बचे? आपके लिए भी 100 नंबर हैं। आपको उससे स्पर्धा नहीं करनी है आपको खुद से स्पर्धा करनी है... उससे द्वेष करने की जरूरत नहीं है। असल में वो आपके लिए प्रेरणा बन सकता है। अगर यही मानसिकता रही तो आप अपने से तेज तरार व्यक्ति को दोस्त ही नहीं बनाएंगे।

एग्जाम हॉल में पेपर मिलने से पहले क्या करना चाहिए, PM मोदी ने जानिए बच्चों को क्या समझायाग्जाम हॉल में पेपर मिलने से पहले क्या करना चाहिए, PM मोदी ने जानिए बच्चों को क्या समझाया

3. बच्चों का तनाव दूर करने के लिए शिक्षकों को क्या करना चाहिए?

प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों को टिप्स देते हुए कहा कि बच्चों के तनाव को कम करने में शिक्षक की अहम भूमिका होती है। इसलिए शिक्षक और छात्रों के बीच हमेशा सकारात्मक रिश्ता रहना चाहिए। शिक्षक का काम सिर्फ जॉब करना नहीं, बल्कि जिंदगी को संवारना है, जिंदगी को सामर्थ्य देना है, यही परिवर्तन लाता है। परीक्षा के तनाव को विद्यार्थियों के साथ-साथ पूरे परिवार और टीचर को मिलकर एड्रेस करना चाहिए। अगर जीवन में चुनौती और स्पर्धा ना हो, तो जीवन प्रेरणाहीन और चेतनाहीन बन जाएगा। इसलिए कॉम्पटिशन तो होना ही चाहिए, लेकिन हेल्दी कॉम्पटिशन होना चाहिए।

4. 'पढ़ने के साथ-साथ लिखने की प्रैक्टिस जरूर करें

प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों को टिप्स देते हुए कहा कि आजकल लोगों की लिखने की आदत कम हो गई है। हम आईपैड वगैरह पर ज्यादा वक्त बिताते हैं। लेकिन जितना लिखेंगे उतनी ही अच्छी तैयारी होगी और कॉन्फीडेंस भी बढ़ेगा। इसलिए आप दिन में जितनी देर पढ़ते हैं उसका कम से कम आधा वक्त नोट्स बनाने में लगाएं। इससे आपको आइडिया लग जाएगा कि परीक्षा में कितनी देर में क्या आंसर लिखना है। अगर आपको तैरना जाएगा तो पानी में उतरने में डर नहीं लगेगा, ठीक वैसे ही जब आप लिखने की प्रैक्टिस करेंगे तो आपको टाइम मैनेजमेंट जाएगा और जाहिर तौर पर परीक्षा परिणाम में इसका असर दिखेगा।

कुछ मां-बाप अपने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड को अपना विजिटिंग कार्ड बना लेते हैं: मोदीबाप अपने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड को अपना विजिटिंग कार्ड बना लेते हैं: मोदी

5. पढ़ाई के साथ अच्छी सेहत जरूरी

प्रधानमंत्री से एक छात्र ने सवाल किया कि पढ़ाई के साथ-साथ हमारे लिए व्यायाम और खेल कितना जरूरी है। इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह मोबाइल को इस्तेमाल करने के लिए उसे चार्जिंग और रिचार्ज की जरूरत है, ठीक वैसे ही हमारे शरीर को रिचार्ज करना जरूरी है। स्वस्थ रहना सबसे जरूरी है। अगर हम स्वस्थ नहीं रहेंगे तो परीक्षा में बैठने की सामर्थ्य नहीं होगी। कभी कभी सूर्य के प्रकाश में बैठिए। इसके अलावा नींद को महत्व दें, परीक्षा से पहले अच्छी नींद जरूरी है। इसलिए जब भी मम्मी बोलें सो जाओ तो सोना चाहिए। रील्स पर समय बिगाड़ने से नींद को कम आंक रहे हैं।

6. माता-पिता और बच्चों के बीच भरोसा होना जरूरी

एक छात्रा ने पीएम मोदी से सवाल किया कि हम अपने मां-बाप को कैसे यकीन दिलाएं कि हम मेहनत कर रहे हैं? इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ये सोचने का विषय है कि पारवारिक माहौल में माता-पिता या टीचर भरोसा नहीं कर पा रहे। कहीं कहीं हमें अपने आचरण का एनालिसिस करने की जरूरत है। एक विद्यार्थी के नाते हमें ये सोचना चाहिए कि क्या आप जो कहते हैं उसका सच में पालन करते हैं या नहीं। माता-पिता के मना करने भी अगर हम फोन चला रहे हैं, तो भरोसा तो कम होगा ही। ठीक ऐसे ही मां-बाप को भी बच्चों पर भरोसा करना चाहिए। अगर बच्चों के नंबर नहीं आए हैं, तो इस तरह की बातें, कि तुम पढ़ते नहीं हो, दोस्तों के साथ समय बिताते रहते हो, ऐसी बातें बच्चों और मां-बाप के बीच दूरी बढ़ा देती हैं।


7. मुझे नहीं लगता कोई उलझन है... करियर च्वाइस के सवाल पर क्या बोले PM

जब एक छात्रा ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि वो करियर से जुड़ी उलझनों से कैसे बाहर निकलें, कैसे विषयों का चुनाव करें? इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि आप स्वयं उलझन में हैं। हकीकत ये है कि आपको खुद पर भरोसा नहीं है। आपका अपने सोचने के समन्वय में दुविधा है इसलिए आप 50 लोगों को पूछते रहते हैं... जो सलाह आपको सबसे सरल लगती है उसी से आप समन्वय बैठा लेते हैं... सबसे बुरी जो स्थिति है वो कन्फ्यूजन है... निर्णय करने से पहले हमें सारी चीजों को जितने तराजू पर तोल सकते हैं, तोलना चाहिए।"


8. मोबाइल का पासवर्ड घर में सबको पता हो तो...

प्रधानमंत्री मोदी से कुछ अभिभावकों और छात्रों ने सोशल मीडिया और मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभाव बचने के उपाय पूछे। इसके जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि किसी भी चीज की अति ठीक नहीं होती। हम पेट भरने के बाद अपना मनपसंद खाना नहीं खा सकते है ठीक वैसे ही कितनी भी प्रिय चीज क्यों रही हो, लेकिन मोबाइल की समय सीमा तय करनी पड़ेगी। आजकल तो पूरा परिवार मोबाइल में लगा रहता है, घर में बराबर में बैठकर एक दूसरे को मैसेज करते हैं। मोबाइल के दुष्प्रभाव को रोकने के लिए पूरे परिवार को नियम बनाने होंगे। हम खाने के वक्त कोई गैजेट्स का इस्तेमाल करें, ऐसा नियम बना सकते हैं। टेक्नोलॉजी से बचने की जरूरत नहीं है, लेकिन उसका सही उपयोग सीखना बेहद जरूरी है। हमारे मोबाइल पर लगा पासवर्ड परिवार के सभी सदस्यों को पता होगा, तो काफी सुधार हो जाएगा। इसके अलावा हमें स्क्रीन टाइम अलर्ट को मॉनीटर करना चाहिए।

9. जब पीएम मोदी ने बच्चों को बताए रील्स देखने के नुकसान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा के दौरान ज्यादा रील्स देखने के नुकसान भी बताए। उन्होंने कहा कि अगर आप एक के बाद एक रील्स देखते रहेंगे तो काफी समय बर्बाद हो जाएगा, आपकी नींद खराब होगी। जो कुछ आपने पढ़ा है वो याद नहीं रहेगा। अगर आप नींद को कम आंक रहे हैं, तो ये ठीक नहीं है। आधुनिक हेल्थ साइंस भी नींद के महत्व पर जोर देती है। आप नींद आवश्यक लेते हैं या नहीं, यह आपके स्वास्थ्य पर ध्यान देता है। जिस उमर में हैं, उसमें जिन चीजों की जरूरत है वो आहार में है या नहीं यह जानना जरूरी है, हमारे आहार में सुतंलन स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, फिटनेस के लिए एक्सरसाइज करना चाहिए, जैसे रोज टूथब्रश करते हैं वसे ही नो कॉम्प्रोमाइज एक्सरसाइज करनी चाहिए।

10. PM के रूप में आप कैसे झेलते हैं प्रेशर? जानिए मोदी ने क्या दिया जवाब

चेन्नई के एक छात्र ने पीएम मोदी से सवाल किया कि वो प्रधानमंत्री के रूप में बड़े-बड़े प्रेशर कैसे हैंडल कर पाते हैं? इसके जवाब देते हुए पीएम मोदी ने हंसते हुए छात्र से पूछा कि क्या आप भी PM बनना चाहते हैं। पीएम ने कहा कि मैं चुनौतियों को ही चुनौतियां देता हूं। मैं मानता हूं कि कुछ भी क्यों हो, मेरे साथ 140 करोड़ देशवासियों का साथ है। मैं अपनी शक्ति देश के सामर्थ्य बढ़ाने में लगा रहा हूं। इसके लिए मैं देश की शक्ति और सामर्थ्य पर भरोसा करता हूं। मैं ये नहीं सोचता कि मैं ये सब कैसे कर पाऊंगा। मैं जिनके लिए काम कर रहा हूं उनपर मेरा अपार भरोसा है। अगर मुझसे कोई गलती भी हो जाती है, तो मैं इसे एक सबक मानता हूं और निराश नहीं होता। कोराना के दौर में मैंने रोजाना देशवासियों से बात की, उन्हें मोटिवेट किया, इससे उनकी सामर्थ्य बढ़ती थी। PM ने कहा, 'जब कोई निजी स्वार्थ नहीं होता, तो निर्णय लेने में कोई दुविधा नहीं होती। ये मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मैं जो करूंगा देश के लिए करूंगा, आपके लिए करूंगा, मेरा क्या होगा इसकी मुझे कोई परवाह नहीं है।'



आभार